राजस्थानी लोक गीत

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मोरू भाई पांवणा

आया आया रे
मोरू भाई पांवणा
कांई आगे धोरा वाळो देश
बीरो बणजारो रे
कांई आया म्हारा देवर जेठ
बीरो बणजारो रे
सासू रांध्या रे मोरू भाई बांकळा
म्हारी नणद बिलोवे खाटी छाछ
बीरो बणजारो रे
मंगरिया उंछाळू रे
मोरू भाई बांकळा
नदिया में लिमोऊं खाटी छाछ
बीरो बणजारो रे
माथा धोऊं रे
मोरू भाई मेट सूं
कांई घालूं चमेली रो तेल
बीरो बणजारो रे
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म्हाने चूंदड़ी मंगादे रे

म्हाने चूंदड़ी मंगादे रे
ओ नण्दी के बीरा
तने यूँ घूंघट में राखूंगी ओ नण्दी के बीरा
म्हाने रखड़ी घड़ादे रे ओ नण्दी के बीरा
तने यूँ माथे पर सजालूंगी ओ नण्दी के बीरा
म्हाने चूंदड़ी मंगादे रे
ओ नण्दी के बीरा

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म्हारा दादाजी के
जी मांडी गणगोर

म्हारा दादाजी के जी मांडी गणगौर
म्हारा काकाजी के मांडी गणगौर
रसीया घडी दोय खेलवाने जावादो
घडी दोय जावता पलक दोय आवता सहेलियाँ में
बातां चितां लागी हो रसीया घडी दोय
खेलवाने जावादो
थारो नथ भलके थारो चुड़लो चमके
थारा नेना रा निजारा प्यारा लागे
हो मारुजी थारा बिना जिवडो भुल्यो डोले
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म्हारी ऐ मंगेतर

बनी म्हारी आवे रे बनी मुस्काती आवे रे
के झीणे घूँघट में दीखे है मुखडो सोवनों रे
म्हारी ऐ मंगेतर काजळ वाळी
सुरमे वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
सुरमे वाळो रे नवाब जोड़ी रो जवाब नहीं
जवाब नही जवाब नही
सुरमे वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
म्हारी ऐ मंगेतर नथणी वाळी
मुंछो वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
जवाब नहीं जवाब नहीं
मुंछो वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
म्हारी ऐ मंगेतर कुरती वाळी
चोळे वालो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
जवाब नहीं जवाब नहीं
चोळे वालो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
म्हारी ऐ मंगेतर चुडियों वाळी
घड़ियों वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
जवाब नहीं रे जवाब नहीं
घड़ियों वाळो रे नवाब जोड़ी रो जवाब नही
म्हारी ऐ मंगेतर लहेंगे वाळी
धोती वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नही
जवाब नहीं जवाब नहीं
धोती वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
म्हारी ऐ मंगेतर नखरेवाळी
गुस्से वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
जवाब नहीं के जवाब नहीं
गुस्से वाळो रे नवाब के जोड़ी रो जवाब नहीं
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म्हारे आलीजा री चंग

म्हारे आलीजा री चंग, बाजै अलगौजा रे संग,
फागण आयो रे !
रूंख-रूंख री नूंवी कूपळा, गीत मिलण रा अब गावै।
बन-बागां म काळा भंवरा, कळी-कळी ने हरसावै।
गूंझै ढोलक ताल मृदंग, बाजे आलीजा री चंग।।
फागण आयो रे !
आज बणी हर नारी राधा, नर बणिया है आज
किसन।
रंग प्रीत रो एडो बिखर्यो, गली-गली है
बिंदराबन।
हिवडै-हिवडै उठे तरंग, बाजे आलीजा री चंग।।
फागण आयो रे !

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म्हारे से डरपत नहीं चूहा

म्हारे से डरपत नहीं चूहा
सेंध चलावै छप्पर में
कैसे पतो पड़ो बणजारिन
चूंटी ना छोड़ो चून
बहिन मेरी कर दियो
छेट चपटिया में
कोठी और कुठिला में
पंसेरी कर दिये मींग
बहिन मेरी जौ की
कर दई बेजरिया
चूहा मारन मैं गई
झट्ट बिलन में जाये
बहिन मेरी मौंछ
हिलावे गिट्टे में

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म्हारों बालूड़ों ग्यो तो सासरे

म्हारों बालूड़ों ग्यो तो सासरे, जरमरियो
काईं काईं लायो रे वीरा डायजिये ...
जरमरियो ढ़ोलो
लाड़ी आयो ने अनुअर डायजिये ...
जरमरियो ढ़ोलो
बेड़ो लायो ने थाली डायजिये ...
जरमरियो ढ़ोलो
लोटो लायो ने लोटी डायजिये ...
जरमरियो ढ़ोलो
सीरस लायो ने ढ़ाल्यो डायजिये ...
जरमरियो ढ़ोलो
म्हारो बालूड़ो ग्यो तो सासरे ...
जरमरियो ढ़ोलो
काईं काईं लायो रे वीरा डायजिये ...
जरमरियो ढ़ोलो।

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म्हें तो सगलाई देवता भेट्यां रे भंवरा

म्हें तो सगलाई देवता भेट्यां रे भंवरा।
म्हारे मायाजी रे तोले कोई नहीं भंवरा।
म्हे तो सगलाई कुलदेव भेंट्या रे भंवरा।
म्हारे भोपाजी रै तैल सिंदूर चढ़े रे भंवरा।
म्हें तो सगलाई देवां ने भेंट्या रे भंवरा।
म्हारे मायाजी रे तोले कोई नहीं रे भंवरा।

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म्हें थांने पूछां म्हारी धीयड़ी

म्हें थांने पूछां म्हारी धीयड़ी
म्हें थांने पूछां म्हारी बालकी
इतरो बाबा जी रो लाड़, छोड़ र बाई सिध
चाल्या।
मैं रमती बाबो सो री पोल
मैं रमतो बाबो सारी पोल
आयो सगे जी रो सूबटो, गायड़मल ले चाल्यो।
म्हें थाने पूंछा म्हारी बालकी
म्हें थाने पूंछा म्हारी छीयड़ी
इतरों माऊजी रो लाड़, छोड़ र बाई सिध
चाल्या।
आयो सगे जी रो सूबटो
हे, आयो सगे जी रो सूबटो
म्हे रमती सहेल्यां रे साथ, जोड़ी रो जालम ले
चाल्यो।
हे खाता खारक ने खोपरा
रमता सहेलियां रे साथ
मेले से हंसियों लेइ चाल्यों
हे पाक्या आवां ने आबंला
हे पाक्यां दाड़म ने दाख
म्लेइ ने फूटर मल वो चाल्यो
म्हें थाने पूंछा म्हारी धीयड़ी
इतरों बापा जी रो लाड़, छोड़ने बाई सिध
चाल्या।

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रणुबाई रणुबाई रथ सिनगारियो तो

रणुबाई रणुबाई रथ
सिनगारियो तो को तो दादाजी हम गोरा घर
जांवा जांवो वाई जावो बाई हम
नहीं बरजां लम्बी सड़क
देख्या भागी मती जाजो उँडो कुओ
देख्या पाणी मती पीजो चिकनी सिल्ला देखी न
पाँव मती धरजो पराया पुरुष
देखनी हसी मती करजो

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राजी राजी बोल
बनी तो चुड़लो पेरादूं

राजी राजी बोल बनी तो चुड़लो पेरादूं
बेराजी बोले तो म्हारी लाल चिटियो,
म्हारी फूल चिटियो
नवी नारंगी रो खेल बतादूं रसिया ....
मीठी खरबूजो
राजी राजी बोल बनी तो तीमणियौ पैराधूं
बैराजी बोले तो म्हारी लाल चिटियों ...
म्हारी फूल चिटियों
नई नारंगी रो खेल बता दू रसिया ..
मीमो खरबूजों।

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रिमझिम-रिमझिम मेहा बरसे

रिमझिम-रिमझिम मेहा बरसे, काळा बादळ
छाया रे।
पिया सूं मलबां गांव चली, म्हारे पग में पड
ग्या छाला रे।
रिमझिम........
भरी ज्वानी म्हांने छोड गया क्यूं, जोबन
का रखवाला रे।
सोलह बरस की रही कुंवारी, अब तो कर
मुकलावां रे।
रिमझिम...........
घणी र दूर सूं आई सजनवां, थांसू मिलवा रातां रे।
हाथ पकड म्हांने निकां बिठाया, कान में कर
गया बातां रे।
रिमझिम.......

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रुमाल

लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो
म्हारी लाल ननद बाई रा बीरा रे रूमाल
म्हारो लेता जैजो
छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल
म्हारो लेता जैजो
लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो
छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल
म्हारो लेता जैजो
म्हारी लाल ननद बाई रा बीरा रे रूमाल
म्हारो लेता जैजो
आप रे कारण म्हे तो बाग़ लगायो सा
घुमण रे मिस आजो नैना रा लोभी
हरियो रुमाल
म्हारो लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो
छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल
म्हारो लेता जैजो
आप रे कारण म्हे तो थाळ परोस्यो सा
आप रे कारण म्हे तो भोजन परोस्यो सा
जीमण रे मिस आजो नैना रा लोभी
हरियो रुमाल
म्हारो लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो
लाल ननद भाई रा बीरा रे रुमाल
म्हारो लेता जैजो
आप रे कारण म्हे तो होद भरायो सा
नहावण रे मिस आजो नैना रा लोभि
हरियो रुमाल
म्हारो लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो
छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल
म्हारो लेता जैजो
लेता जैजो जी दिल्डो देता जैजो
छोटी ननद बाई रा बीरा रे रूमाल
म्हारो लेता जैजो
म्हारी लाल ननद बाई रा बीरा रे रूमाल
म्हारो लेता जैजो

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लहेरियो
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बाईसा रा बीरा लहेरियो सा
म्हाने
ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारा सुसराजी तो दिल्ली रा राजवी सा
म्हारा सासूजी तो गढ़ रा मालक सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने
ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारा जेठजी तो घर रा पाटवी सा
म्हारा जेठानी तो घर रा मालक सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने
ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारो देवरियो तो तारा बिचलो चंदो सा
महरी द्योरानी तो आभा माय्ली बीजळी सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने
ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारा सायब्जी तो दिल रा राजवी सा
म्हें तो सायब्जी रे मनडे री राणी सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने
ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हाने
ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
ओन लाइन लहरियो गीत
ओन लाइन लहरियो गीत

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शहर बाजार में

जाइजो हो बना जी हो राज
शहर बाजार में जाइजो हो बना जी हो राज
पान मंगाय वो रंगतदार बनजी बांगा माहे
पांन खाय बनी सांभी सभी, बना हजी हो राजे
बनो खीचे बनी से हाथ .. हो बांगा माहे
हाव्यलड़ों मत खीचों बना जी हो राजे
रुपया लेस्सूँ सात हजार .... हो बांगा माहे
ऊधार फुझाब मैं नहीं करां हो राज
रुपया गिगलां सात हजार ... हो बांगा माहे
शहर बाजरां मती जाइजो हो राज
म्हांने परदेसी रो कांई रे विसवास ..
हो बांगा माहे....

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सात सहेल्यां रे झूलरे
सात सहेल्यां रे झूलरे,
पणिहारी जीयेलो मिरगानेणी जीयेलो
पाण्यू चाली रे तालाब, बाला जो
काळी रे कळायण उमडी ए*पणिहारी जीयेलो,
मिरगानेणी*जीयेलो,
छोटोडी बूंदां रो बरसे मेह, बालाजो।
आज धराऊं धूंधलो ए पणिहारी..........
मोटोडो धारां रो बरसे मेह, बाला जो।
भर नाडा भर नाडयां ए पणिहारी..........
भरियो-भरियो समंद तलाब, बाला जो।
सुणल्यो सहेल्यो म्हारी भायल्यो
सुपनो जी आयो आधी रात
सहेल्यो थानें सुपनों सुणाऊं ए sss २
नौ तो कुआ दस बावड़ी भरिया ताळ तळाब
सुपनें में मैं तो सासरियो देख्यो ए sss २
ऊँची मेडी चढ़ चली गढ़ छूवै असमान
सासरियो म्हाने बाल्हो लाग्यो ए sss २
मायड़ सी म्हारी सास छी बाबुल सा ससुर सुजान
नणदली म्हारे घणी मन भाई ए sss २
सेज बिछी रंग महल में फूलां स्यूं सेज सजाई
पियाजी रंग महल्याँ पधारया ए sss २
मधरी-मधरी चाल छी होठां पे मुस्कान
पियाजी म्हारे घणा मन भाया ए sss २
घूंघटो उठायो म्हारो प्रेम से नैणा स्यूं नैण मिलाय
पियाजी म्हारे नैणा में समाया ए sss २
पलकां झुकी म्हारी लाज स्यूं होठां स्यूं
बोल्यो नाहीं जाय
पियाजी म्हानें अंग लगाया ए sss २
पाछे सुपनों टूटग्यो, रहगी अधूरी आस
सहेल्यां थाने अब के सुणाऊं ए sss २ स्थाई

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सूती थी रंग महल में

सूती थी रंग महल में, सूती ने आयो रे जंजाळ,
सुपना रे बैरी झूठो क्यों आयो रे।
कुरजां तू म्हारी बैनडी ए, सांभळ म्हारी बात,
ढोला तणे ओळमां भेजूं थारे लार।
कुरजां ए म्हारो भंवर मिला देनी ए।
सोनी गढ़ को खड़को
सोनी गढ़ को खड़को म्हे सुन्यो सोना घड़े रे सुनार
म्हारी गार कसुम्बो रुदियो
सोनी धड़जे ईश्वरजी रो मुदड़ो,
वांकी राण्या रो नवसर्यो हार म्हांरी गोरल
कसुम्बो रुदियो
वातो हार की छोलना उबरी बाई
सोधरा बाई हो तिलक लिलाड़ म्हारे गोर
कसुम्बो रुदियो

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हमको गुलाबी दुपट्टा

हमको गुलाबी दुपट्टा
हमें तो लग जायेगी नजरिया रे
चाहे राजा मारो चाहे पुचकारो
हम पे ना आवे थारो पनिया
हमारी पतळी सी कमरिया रे
चाहे राजा मारा चाहे पुचकारो
हम पे ना होवे थारो गोबर
हमार सड़ जायेगी उंगलियां रे
चाहे राजा मारो चाहे पुचकारो
हम पे ना हौवे थारी रोटी
हमारी जळ जायेगी उंगलियां रे
चाहे राजा मारो चाहे पुचकारो
हम पे ना हौवे थारो बिस्तेर
हमारी छोटी सी उमरिया रे

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हरियो रूमाळ
चाहे बिक जाये हरियो रूमाळ
बैठूंगी मोटर कार में
चाहे सास बिको चाहे ससुर बिको
चाहे बिक जाये नणद छिनार
बैठूंगी मोटर कार में
चाहे देवर बिको चाहे देराणी बिको
चाहे बिक जाये सारा रूमाळ
बैठूंगी मोटर कार में
चाहे जेठ बिको चाहे जेठाणी बिको
चाहे बिक जाये हरियो रूमाळ
बैठूंगी मोटर कार में
चाहे बलम बिको चाहे सौंक बिको
चाहे बिक जाये सांस को लाल
बैठूंगी मोटर कार में

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हाँजी म्हारे आँगन कुओ
हाँजी म्हारे आँगन कुओ
खिनयदो हिवड़ा इतरो पानी हाँजी जुड़ो खोलर
न्हावा बेठी ईश्वरजी री रानी
हाँजी झाल झलके झुमना रल के बोले इमरत
बानी हाँजी इमरत
का दो प्याला भरिया कंकुरी पिगानी

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ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ

ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ
ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने रमता ने काजळ टिकी लादयो ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने रमता ने लाडूङो लादयो ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ .
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ .
ओ म्हाने परदेशियाँ मत दीजो रे माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने राठोडा रे घर भल दीजो ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्यां
ओ म्हाने राठोडा री बोली प्यारी लागे ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्यां
ओ म्हारी घुमर छे नखराळी ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ ...

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हरिया पोदीना

ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
ओ तने सिल पे बटांऊं हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
क्यारियां में बाऊं केवडो़ खेताँ में बाऊं
हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
माथा पे ल्याई केवडो़ झोळी में ल्याई
हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
सासूजी ने भावे केवडो़ सुसराजी ने भावे
हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना