राजस्थानी लोकगीत

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अंजन की सीटी में

अंजन की सीटी में म्हारो मन डोले
चला चला रे डिलैवर गाड़ी हौले हौले ।।

बीजळी को पंखो चाले, गूंज रयो जण भोरो
बैठी रेल में गाबा लाग्यो वो जाटां को छोरो ।।

चला चला रे ।।

डूंगर भागे, नंदी भागे और भागे खेत
ढांडा की तो टोली भागे, उड़े रेत ही रेत ।।

चला चला रे ।।

बड़ी जोर को चाले अंजन, देवे ज़ोर की सीटी
डब्बा डब्बा घूम रयो टोप वारो टी टी ।।

चला चला रे ।।

जयपुर से जद गाड़ी चाली गाड़ी चाली मैं
बैठी थी सूधी
असी जोर को धक्का लाग्यो जद मैं पड़
गयी उँधी ।।

चला चला रे ।।

शब्दार्थ : डलेवर= ड्राईवर, गाबा= गाने लगना,
डूंगर= पहाड़, नंदी= नदी , ढांडा= जानवर , जद=
जब (जदी, जर और जण भी कहा जाता है), असी=
ऐसा, इतना

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इण्डूणी

म्हारी सवा लाख री लूम
गम गयी इण्डूणी

औ इण्डूणी रे कारणे
म्हारी सासू ताना देय
गम गयी इण्डूाणी

ओ इण्डूणी रे कारणे
म्हारो ससुरा रूसो जाय
गम गयी इण्डूणी

ओ इण्डूणी रे कारणे
गयी नणद कुंआ में कूद
गम गयी इण्डूणी

ओ इण्डूणी रे कारणे
म्हारो देवर लड़े लड़ाई
गम गयी इण्डूणी

ओ इण्डूणी रे कारणे
म्हारी जेठाणी बोले बोल
गम गयी इण्डूणी कद महरा पिव्जी घर आवे
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उड़ उड़ रे म्हारा काळा रे कागला

उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे

उड़ उड़ रे म्हारा, काळा रे कागला
कद म्हारा पीव्जी घर आवे
कद म्हारा पीव्जी घर आवे , आवे र आवे
कद म्हारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ रे म्हारा काळा र कागला
कद माहरा पीव्जी घर आवे
खीर खांड रा जीमण जीमाऊँ
सोना री चौंच मंढाऊ कागा
जद म्हारा पिव्जी घर आवे, आवे रे आवे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
म्हारा काळा र कागला
कद माहरा पीव्जी घर आवे
पगला में थारे बांधू रे घुघरा
गला में हार कराऊँ कागा
जद महारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ रे
महारा काळा रे कागला
कद महारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ र महारा काला र कागला
कद महरा पिव्जी घर आवे
जो तू उड़ने सुगन बतावे
जनम जनम गुण गाऊँ कागा
जद मारा पिव्जी घर आवे , आवे र आवे
जद म्हारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे महारा काळा रे कागला
कद म्हारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे म्हारा काळा रे कगला
जद म्हारा पिव्जी घर आवे
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इतल पीतल
इतळ पीतळ रो भर लाई बेवड़ो
रे झांझरिया मारा छैल
कोई कांख मेला टाबरिया री आन
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये
सासू बोले छे म्हाने बोलणा
रे झांझरिया मारा छैल
कोई बाईसा देवे रे म्हाने गाल
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये
आया बीरो सा म्हाने लेवा ने
रे झांझरिया मारा छैल
ज्यारी कांई कांई करूं मनवार
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये
थारे मनाया देवन ना मानूं
रे झांझरिया मारा छैल
थारा बड़ोडा़ बीरोसा ने भेज
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये
काळी पड़गी रे मन की कामळी
रे झांझरिया मारा छैल
म्हारा आलीजा पे म्हारो सांचो जीव
मैं जाऊं रे जाऊं रे सासरिये
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एक बार आओजी जवाईजी पावणा

एक बार आओजी जवाईजी पावणा ....
थाने सासूजी बुलावे घर आज जवाई लाडकड़ा
सासूजी ने मालुम होवे म्हारे घर काम छै
म्हाने करणों है लारलो काम सासूजी म्हाने माफ़
करो...
एक बार आओजी जवाईजी पावणा......
थाने सुसराजी बुलावे घर आज जवाई लाडकड़ा
सुसराजी ने मालूम होवे भाई म्हारे आज हुयो
म्हारे घरां छै मोकलो काम
सुसराजी म्हाने माफ़ करो
एक बार आओजी जवाईजी पावणा......
थाने साळीजी बुलावे घर आज जवाई
लाडकड़ा ....
साळीजी ने मालुम होवे साढुजी ने भेजू हूँ ....
म्हारा साढुजी नाचेला सारी रात
साळीजी म्हाने माफ़ कारो
म्हारा साढुजी नाचेला सारी रात
साळीजी म्हाने माफ़ करो
एक बार आओजी जवाईजी पावणा......
थाने सलोजी बुलावे घर आज
सालोजी ने मालूम होवे थारो भी ख्याल छे
थारो आवती तीजां नै करस्यां ब्याव
साळोजी म्हाने माफ़ करो
एक बार आओजी जवाईजी पावणा......
थाने बुवाजी बुलावे घर आज जवाई लाडकड़ा
बुवाजी ने मालुम होवे म्हारा भी बुवाजी आया
मैं तो बुवाजी ने जोडू लंबा हाथ बुवाजी म्हाने
माफ़ करो ....
एक बार आओजी जवाईजी पावणा......
थाने लाडीजी बुलावे घर आज जवाई लाडकड़ा ....
लाडीजी बुलावे है तो लाडोजी भी आवे है....
मैं तो जाऊंला सासरिये दौड़ साथिङा म्हाने
माफ़ करो ...
एक बार आओजी जवाईजी पावणा
ऐली पैली सखरिया री पाल
ऐली पैली सखरिया री पाल
पालां रे तंबू तांणिया रे।
जाये वनी रे बापाजी ने कैजो, के
हस्ती तो सामां मेल जो जी।
नहीं म्हारां देसलड़ा में रीत, भंवर
पाला आवणों जी।
जाय बनी रा काकाजी ने कैजो
घुड़ला तो सांमां भेजजो जी
नहीं म्हारे देशां में रीत, भेवर पाला चालणों जी
जाय बनीरा माता जी ने कैजो
सांमेला सामां मेल जो जी
नहीं म्हारे देशलड़ां में रीत
भंवर पाला आवणों री।
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ओजी म्हारी सहेल्यां जोवे बाटो

ओजी म्हारी सहेल्यां जोवे बाटो, भंवर म्हांने
खेलण द्यों गणगौर।
खेलण द्यो गणगौर-गणगौर, भंवर म्हांने निरखण
द्यो गणगौर।
जी म्हांरी सहेल्यां ..........
के दिन की गणगौर, सुन्दर थांने कतरा दिन
को चाव।
सोळा दिन की गणगौर, भंवर म्हांने सोळा दिन
को चाव।
ओजी म्हांरी सहेल्यां ..........
सहेळ्यां ने ऊभी राखो, सुन्दर थांकी सहेळ्यां ने
ऊभी राखो।
जी थांकी सहेळ्यां ने दोवंण गोट, सुन्दर थाने खेळणं
दां गणगौर।
खेलण द्यो गणगौर.......
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कोऊ दिन

कोऊ दिन उठ गयो मेरा हाथ
बलम तोहे ऐसा मारूंगी
ऐसा मारूंगी बलम तोहे ऐसा मारूंगी
चकला मारूं बेलन मारूं फुंकनी मारूंगी
जो बालम तेरी मैया बचावै
वाकी चुटिया उखाड़ूंगी
थाली मारूं कटोरी मारूं चम्मच मारूंगी
जो बालम तेरी बहना बचावै
वाकी चुनरी फाड़ूंगी
लाठी मारूं डंडा मारूं थप्पड़ मारूंगी
जो बालम तेरो भैया बचावै
वाकी मूंछे उखाड़ूंगी
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कुरजां लोक गीत
सूती थी रंग महल में,
सूती ने आयो रे जंजाळ,
सुपना रे
बैरी झूठो क्यों आयो रे
कुरजां तू म्हारी बैनडी ए,
सांभळ म्हारी बात,
ढोला तणे ओळमां भेजूं थारे
लार।
कुरजां ए म्हारो भंवर
मिला देनी ए।
सुपनो जगाई आधी रात में २
तनै मैं बताऊँ मन की बात
कुरजां ऐ म्हारा भंवर मिलाद्यो ऐ sss
संदेशो म्हारे पिया ने पुगाद्यो ऐ !!
तूं छै कुरजां म्हारे गाँव की
लागे धर्म की भान
कुरजां ऐ राण्यो भंवर मिलाद्यो ऐ
संदेशो म्हारे पिया ने पुगाद्यो ऐ !!
पांखां पै लिखूं थारै ओळमों
चान्चां पै सात सलाम
संदेशो म्हारै पिया ने पुगाद्यो ऐ !!
कुरजां ऐ म्हारा भंवर मिलाद्यो ऐ !!
लश्करिये ने यूँ कही
क्यूँ परणी छी मोय
परण पाछे क्यों बिसराई रे
कुरजां ऐ भंवर मिलाद्यो ऐ
कुरजां ऐ म्हारा भंवर मिलाद्यो ऐ !!
ले परवानो कुरजां उड़ गई
गई-गई समदर रे पार
संदेशो पिया की गोदी में नाख्यो जाय
संदेशो गोरी को पियाजी ने दीन्यो जाय !!
थारी धण री भेजी मैं आ गई
ल्याई जी संदेशो ल्यो थे बांच
थे गोरी धण ने क्यों छिटकाई जी
कुरजां ऐ साँची बात बताई जी
के चित आयो थारे देसड़ो
के चित आयो माय’र बाप
साथीड़ा म्हाने सांच बतादे रे
उदासी कियां मुखड़े पे छाई रे !!
आ ल्यो राजाजी थारी चाकरी
ओ ल्यो साथीड़ा थांरो साथ,
संदेशो म्हारी मरवण को आयोजी
गोरी म्हाने घरां तो बुलाया जी
नीली घोड़ी नौ लखी
मोत्यां से जड़ी रे लगाम
घोड़ी ऐ म्हाने देस पुगाद्यो जी
गोरी से म्हाने बेगा मिलाद्यो जी !!
रात ढल्याँ राजाजी रळकिया
दिनड़ो उगायो गोरी रे देस
कुरजां ऐ सांचो कोल निभायो ऐ
कुरजां ऐ राण्यो भंवर मिलाया ऐ !!
सुपनो जगाई आधी रात में
तने मैं बतायी मन की बात
कुरजां ऐ म्हारा भंवर मिलाया ऐ !!
सुपनो रे बीरा फेरूँ -फेरूँ  आजे रे !
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गाढ़ो जोती न रणु बाई आया
गाढ़ो जोती न रणु बाई आया
यो गोडो कुण छोड़ोवे
गाढ़ो छोज्ञावे ईश्वरजी हो राजा
वे थारी सेवा संभाले
सेवा संभाले माता अगड़ घड़ावे, सासरिये पोचावे
सासरिये नहीं जाँवा म्हारी माता पिपरिया में
रे वां
भाई खिलावां भतीजा खिलावां, तो भावज
रा गुण गांवा

गोर गोर गोमती , गणगौर गीत

गोर गोर गोमती, इसर पूजे पार्वती
म्हे पूजा आला गिला, गोर का सोना का टिका
म्हारे है कंकू का टिका
टिका दे टमका दे ,राजा रानी बरत करे
करता करता आस आयो, मास आयो
छटो छ: मास आयो, खेरो खंडो लाडू लायो
लाडू ले बीरा ने दियो , बीरा ले भावज ने दियो
भावज ले गटकायगी, चुन्दडी ओढायगी
चुन्दडी म्हारी हरी भरी, शेर सोन्या जड़ी
शेर मोतिया जड़ी, ओल झोल गेहूं सात
गोर बसे फुला के पास, म्हे बसा बाणया क पास
कीड़ी कीड़ी लो, कीड़ी थारी जात है
जात है गुजरात है, गुजरात
का बाणया खाटा खूटी ताणया
गिण मिण सोला, सात कचोला इसर गोरा
गेहूं ग्यारा, म्हारो भाई ऐमल्यो खेमल्यो, लाडू
ल्यो , पेडा ल्यो
जोड़ जवार ल्यो, हरी हरी दुब ल्यो, गोर
माता पूज ल्यो |
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गोरबंद
लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ओ लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ऐ ऐ ऐ गायाँ चरावती गोरबन्द गुंथियों
तो भेंसयाने चरावती मैं पोयो पोयो राज मैं
तो पोयो पोयो राज
म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ओ लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ऐ ऐ ऐ ऐ खारासमद सूं कोडा मंगाया
तो बिकाणे तो गड़ बिकाणे जाए
पोया पोया राज मैं तो पोया पोया राज
म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ओ लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ऐ ऐ ऐ ऐ देराणी जिठणी मिल गोरबन्द गुंथियों
तो नडदल साचा मोती पोया पोया राज मैं
तो पोया पोया राज
म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ओ लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नाखारालो
कांच री किवाडी माथे गोरबन्द टांकयो
तो देखता को हिवडो हरखे ओ राज हिवडो हरखे
ओ राज
म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ओ लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नाखारालो
ऐ ऐ ऐ ऐ डूंगर चढ़ ने गोरबन्द गायो
तो झोधाणा तो झोधाणा क
केडी हैलो सांभळो जी राज
हैलो सांभळो जी राज
म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नखराळो
ओ लड़ली लूमा झूमा ऐ लड़ली लूमा झुमा ऐ
ओ म्हारो गोरबन्द
नखराळो आलिजा म्हारो गोरबन्द नाखारालो
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घाम पड़े, धरती तपै रे

घाम पड़े, धरती तपै रे, पड़े नगांरा री रोल
भंवर थारी जांत मांयने।
बापाजी बिना कड़ू चालणू रे
बापा मोत्यां सूं मूंगा साथा।
भंवर थारी जांन मांयने।
माताजी बिना केडूं चालणू रे
माताजी हरका दे साथ।
भंवर थारी जान मांयने।
घाम पड़े, धरती रपै रे, पड़े नागरां री रौल
भवंर थारी जांन मांयने।
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घूमर गीत

ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने रमता ने काजळ टिकी लादयो ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने रमता ने लाडूङो लादयो ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ .
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ .
ओ म्हाने परदेशियाँ मत दीजो रे माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ म्हाने राठोडा रे घर भल दीजो ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्यां
ओ म्हाने राठोडा री बोली प्यारी लागे ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ
ओ राजरी घुमर रमवा म्हें जास्यां
ओ म्हारी घुमर छे नखराळी ऐ माँ
घुमर रमवा म्हें जास्याँ ...
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चढ़ लाडा, चढ़ रे ऊँचे रो

चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
म्हारी तो रंग दे चुन्दडी बिण्जारा रे
म्हारे साहेबा रो , म्हारे पिवजी रो ,
म्हारा साहेबा रो रंगदे रूमाल रे बिण्जारा रे
म्हारा साहेबा रो रंगदे रूमाल रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
जोधाणा सरीखा पैर मैं बिण्जारा रे
कोई सोनो तो घड़े रे सुनार रे बिण्जारा रे
कोई सोनो तो घड़े रे सुनार रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
पायल घड़ दे बाजणी बिण्जारा रे
म्हारी नथली पळ्कादार रे बिण्जारा रे
म्हारी नथली पळ्कादार रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
म्हारी तो रंग दे चुन्दडी बिण्जारा रे
म्हारे साहेबा रो , म्हारे पिवजी रो ,
म्हारा साहेबा रो रंगदे रूमाल रे बिण्जारा रे
म्हारा साहेबा रो रंगदे रूमाल रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
जोधाणा सरीखा पैर मैं बिण्जारा रे
कोई सोनो तो घड़े रे सुनार रे बिण्जारा रे
कोई सोनो तो घड़े रे सुनार रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
पायल घड़ दे बाजणी बिण्जारा रे
म्हारी नथली पळ्कादार रे बिण्जारा रे
म्हारी नथली पळ्कादार रे बिण्जारा रे
चम चम चमके चुन्दडी बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
कोई थोडो सो म्हारे सामे झांक रे बिण्जारा रे
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चरखो तो ले ल्यूँ, भँवरजी, रांगलो जी

चरखो तो ले ल्यूँ, भँवरजी, रांगलो जी
हाँ जी ढोला, पीढ़ा लाल गुलाल
तकवो तो ले ल्यूँ जी, भँवरजी, बीजलसार को जी
ओ जी म्हारी जोड़ी रा भरतार
पूणी मंगा ल्यूँ जी क बीकानेर की जी
म्होरे म्होरे री कातूँ, भँवर जी, कूकड़ी जी
हाँ जी ढोला, रोक रुपइये रो तार
म्हे कातूँ थे बैठा विणज ल्यो जी
ओ जी म्हारी लल नणद रा ओ वीर
अब घर आओ प्यारी ने पलक न आवड़े जी
गोरी री कमाई खासी राँडिया रे
हाँ ए गोरी, कै गांधी कै मणियार
म्हे छाँ बेटा साहूकार रा जी
ए जी म्हारी घणीए प्यारी नार
गोरी री कमाई सूँ पूरा न पड़े जी
चौमासो ...
सावन लाग्यो भादवो जी
यो तो बरसन लाग्यो मेह , बनिसा
मोरीया रे झट चौमासो लाग्यो रे झट
सियाळो लाग्यो रे
झट चौमासो लाग्यो रे झट सियाळो लाग्यो रे
म्हारी द्योराणियां जेठाणियां रूसगी रे
म्हारा सासूजी बनाबा ने जाए, बनिसा
मोरीया रे झट चौमासो लाग्यो रे झट
सियाळो लाग्यो रे
झट चौमासो लाग्यो रे झट सियाळो लाग्यो रे
उगण लागी बाजरी रे म्हारी उगन
लागी बाजरी रे
म्हारी उगण लागी जवार , बनिसा
मोरिया रे झट चौमासो लाग्यो रे झट
सियाळो लाग्यो रे
झट चौमासो लाग्यो रे झट सियाळो लाग्यो रे
काटूं मैं काटूं बाजरी रे म्हारी काटूं मैं काटूं
बाजरी रे
म्हारी काटूँ मैं काटूं जवार , बनिसा
मोरिया रे झट चौमासो लाग्यो रे झट
सियाळो लाग्यो रे
झट चौमासो लाग्यो रे झट सियाळो लाग्यो रे
आळ्या में पड़गी बाजरी जी म्हारी आळ्या में
पड़गी बाजरी जी
म्हारी कोठा में पड़गी जवार , बनिसा
मोरीया रे झट चौमासो लाग्यो रे झट
सियाळो लाग्यो रे
झट चौमासो लाग्यो रे झट सियाळो लाग्यो रे
म्हारी द्योराणियां जेठाणियां रूसगी रे
म्हारा सासूजी मनाबा ने जाए , बनिसा
मोरिया रे झट चौमासो लाग्यो रे
सियाळो लाग्यो रे
झट चौमासो लाग्यो रे सियाळो लाग्यो रे........
झट चौमासो लाग्यो रे
सियाळो लाग्यो रे..........
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जय जय राजस्थान

गोरी धोरा री धरती रो
पिचरंग पाडा री धरती रो , पीतल पातल
री धरती रो, मीरा करमा री धरती रो
कित्रो कित्रो रे करा म्हें वखाण, कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान ...
घर पूंचा भई धर्मजला
घर पूंचा भई धर्मजला
धर्म जला भई धर्म जला
कोटा बूंदी भलो भरतपुर अलवर अर अजमेर
पुष्कर तीरथ बड़ो की जिणरी महिमा चारूं मेर
दे अजमेर शरीफ औलिया नित सत्रों फरमान
रे कित्रो कित्रो रे करा म्हें वखाण, कण कण सूं
गूंजे, जय जय राजस्थान....
घर पूंचा भई धर्मजला
घर पूंचा भई धर्मजला
धर्म जला भई धर्म जला
दसो दिसावा में गूंजे रे मीरा रो गुण गान
हल्दीघाटी अर प्रताप रे तप पर जग कुरबान
चेतक अर चित्तोड़ पे सारे जग ने है अभिमान
कित्रो कित्रो रे करा म्हें वखाण, कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान
घर पूंचा भई धर्मजला
घर पूंचा भई धर्मजला
धर्म जला भई धर्म जला
उदियापूर में एकलिंगजी गणपति रंथमभोर
जैपूर में आमेर भवानी जोधाणे मंडोर
बिकाणे में करणी माता राठोडा री शान
कित्रो कित्रो रे करा म्हें वखान कण कण सून गूंजे
जय जय राजस्थान
घर पूंचा भई धर्मजला
घर पूंचा भई धर्मजला
धर्म जला भई धर्म जला
आबू छत्तर तो सीमा रो रक्षक जैसलमेर
किर्ने गढ़ रा परपोटा है बांका घेर घूमेर
घर घर गूंजे मेड़ततणी मीरा रा मीठा गान
कित्रो कित्रो रे करा म्हें वखाण, कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान
घर पूंचा भई धर्मजला
घर पूंचा भई धर्मजला
धर्म जला भई धर्म जला
रानी सती री शेखावाटी जंगल मंगल करणी
खाटू वाले श्याम धणी री महिमा जाए न बरणी
करणी बरणी रोज चलावे बायेड़ री संतान
कित्रो कित्रो रे करा म्हें वखाण, कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान
घर पूंचा भई धर्मजला
घर पूंचा भई धर्मजला
धर्म जला भई धर्म जला
गोगा बाबु, तेजो दादू , झाम्बोजी री वाणी
रामदेव की परचारी लीला किण सूं अनजानी
जैमल पता भामाशा री आ धरती है खान
कित्रो कित्रो रे करा म्हें वखाण, कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान
घर पूंचा भई धर्मजला
घर पूंचा भई धर्मजला
धर्म जला भई धर्म जला
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झालो अलगियों तो ऐयूं जालो मांए
झालो अलगियों तो ऐयूं जालो मांए
के धिया बाई सा रो पीवरियो तो एयूं मीडक
मांए
सासूरियूं तो लीन्यूं नजरा मांए
बाइसा रो बापा जी तो रेग्या मीडंक भांए
ससुरा जी तो लीन्या नजरां मांए
सासू जी ने लीवों नजरां मांए।
बाई री साथणियां तो रैगी माड़क मांय
नणदल बाई सा ने लेवो नजरां मांए।
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तालरिया मगरिया ..

तालरिया मगरिया रे मोरू बाई लारे रया
आयो रे धोरां वाळो देश बीरो बिण्जारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
बीरो बिण्जारो रे यो म्हाने लागे प्यारो रे
आयो रे धोरां वालो देश बीरो बिण्जारो रे
आयो रे धोरां वालो देश बीरो बिण्जारो रे
कुण थाने बोल्या रे मोरू बाई बोलणा
कुण तो दिनी झिणी गाळ बीरो बिण्जारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
आयो रे धोरां वाळो देश बीरो बिण्जारो रे
आयो रे धोरां वालो देश बीरो बिण्जारो रे
सासूजी बोल्या रे मोरू बाई ने बोलणा
नळदल तो दिनी झिणी गाळ बीरो बिण्जारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
बीरो बिण्जारो रे मोरू ने लागे प्यारो रे
आयो रे धोरा वाळो देश बीरो बिण्जारो रे
आयो रे धोरा वाळो देश बीरो बिण्जारो रे

पल्लो लटके

अँखियों में छोटे-छोटे सपने सजाइके बहियों में
निंदिया के पंख लगाइके चँदा में झूले मेरी बिटिया
रानी चाँदनी रे झूम, हो, चाँदनी रे झूम ...
यही तो कली है प्यारी मेरी सारी बगिया में मैंने
यही मोती पाया जीवन नदिया में ममता लुटाऊं
ऐसी मच जाए धूम चाँदनी रे झूम, हो, चाँदनी रे
झूम ...
निंदिया के संग-संग राजा कोई
आएगा बिंदिया लगाएगा रे
माला पहनाएगा लेगा फिर प्यारे-प्यारे
मुखड़े को चूम चाँदनी रे झूम, हो, चाँदनी रे झूम ...
आ: ( पल्लो लटके रे म्हारो पल्लो लटके ) २
ज़रा सा टेढ़ो हो जा बालमा म्हारो पल्लो लटके
कि: गोरी ( जियो भटके रे म्हारो जियो भटके )
२ ज़रा सा ऊँ ज़रा सा आ
ज़रा सा सीधो हो जा ज़ालिमा म्हारो जियो भटके
आ: ( इस खातिर से तेरे द्वार लियो मैं ने
पल्लो डार ) २ पर छाती में ना सीधो लागे म्हारे
नैन कटार ज़रा सा आ ज़रा सा ऊँ
ज़रा सा टेढ़ो हो जा बालमा म्हारो पल्लो लटके ...
कि: ( मूंगे जैसे लाले होंठ मोती जैसे गोरे गाल ) २
ज़रा सा घुंघटा ऊपर फेर दिखादे मो को भी ये
माल ज़रा सा ऊँ ज़रा सा आ
ज़रा सा सीधो हो जा ज़ालिमा म्हारो जियो भटके ...
आ: ( मैं हूँ जिस बस्ती की हूर नगर गुलाबी है मशहूर )

कि: गोरी हँस के बैया डाल यही पे दिखला तू
ज़रा सा ऊँ ज़रा सा आ
ज़रा सा सीधो हो जा ज़ालिमा म्हारो जियो भटके ...
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पिळो रंगावो जी

पाँच मोहर को साहिबा पिळो रंगावो जी
हाथ बतीसी गज बीसी गाढा मारू जी
पिळो रंगावो जी
दिल्ली सहर से साईबा पोत मंगावो जी
जैपर का रंगरेज बुलावो गाढा मारू जी
पिळो रंगावो जी
पिला तो पल्ला साईबा बन्धन बन्धाऊँ जी
अध बीच चाँद चपाऊँ गाढा मारू जी
पिळो रंगावो जी
रंग्यो ऐ रंगायो जच्चा होया संजोतो जी
पण बेरे माएं पकडायो जी गाढा मारूं जी
पिळो रंगावो जी
पिळो तो औढ़ म्हारी जच्चा पाटे पर बैठी जी
दयोराणी जेठाणी मुखड़ो मोड्यो गाढा मारूं
जी
पिळो रंगवो जी
पिळो तो औढ़ म्हारी जच्चा सर्वर चाली जी
सारो ही सहर सरायो गाढा मारू जी
पिळो रंगावो जी
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पींपळी - राजस्थानी लोकगीत
बाय चाल्या छा भंवर जी पींपळी जी
हांजी ढोला हो गई घेर घुमेर
बैठण की रूत चाल्या चाकरीजी
ओजी म्हारी सास सपूती रा पूत
मत ना सिधारो पूरब की चाकरी जी ।। स्थाई ।।
परण चाल्या छा भंवर जी गोरड़ी़ जी
हांजी ढोला हो गई जोध जवान
विलसण की रुत चाल्या चाकरी जी
ओ जी म्हारी लाल नणद बाई रा बीर
मत ना सिधारो पूरब की चाकरी जी ।।
कुण थांरा घुड़ला कस दिया जी
हांजी ढोला कुण थानै कस दीनी जीन
कुण्यांजी रा हुकमा चाल्या चाकरी जी
ओजी म्हारे हिवड़ा रो नौसर हार
मत ना सिधारो पूरब की चाकरी जी ।।
रोक रुपैया भंवर जी मैं बणूं जी
हां जी ढोला बण ज्याऊं पीळी पीळी म्होर
भीड़ पड़ै जद सायबा बरत ल्योजी
ओजी म्हारी सेजां रा सिणगार
पिया की पियारी ने सागे ले चलो जी ।।
कदेई नां ल्याया भंवर जी चूनड़ी जी
हां जी ढोला कदेई ना करी मनवार
कदेई नां पूछी मनड़ै री बारता जी
हां जी म्हारी लाल नणद रा बीर
थां बिन गोरी नै पलक ना आवड़ै जी
बाबोसा नै चाये भंवर जी, धन घणों जी
हां जी ढोला कपड़े री लोभण थारी माय
सैजां री लोभण उडीकै गोरड़ी जी
हां जी थारी गोरी, उड़ावै काळा काग
अब घर आओ, धाई थारी नौकरी जी ।।
चरखो तो लेल्यो भंवर जी रांगलो जी
हां जी ढोला पीढ़ो लाल गुलाल
मैं कातूं थे बैठ्या बिणजल्यो जी
ओजी म्हारी लाल नणद रा बीर
घर आओ प्यारी ने पलक ना आवड़ै जी ।।
सावण सुरंगों लाग्यो भादवो जी
हां जी कोई रिमझिम पड़े है फुहार
तीज तिंवारा घर नहीं बावड़्या जी
ओजी म्हारा घणा कमाऊ उमराव
थारी पियारी नै पलक ना आवड़ै जी ।।
फिर-घिर महिना भंवर जी आयग्या जी
हाँ जी ढोला हो गया बारा मास
थारी धण महला भंवर जी झुर रही जी
हाँ जी म्हारे चुड़ले रा सिणगार
आच्छा पधारया पूरब की नौकरी जी
उजड़ खेड़ा भंवर जी फिर बसे जी
हाँ जी ढोला निरधन रे धन होय
जोबन गयां पीछे नांही बावड़े जी
ओजी थाने लिख हारी बारम्बार
ओजी घर आओ थारी धण एकली जी ।।
जोबन सदा नां भंवर जी थिर रवे जी
हाँ जी ढोला फिरती घिरती छाँव
कुळ का तो बाया मोती नीपजे जी
ओ जी थारी प्यारी जोवै बाट
जल्दी पधारो गोरी रे देस में जी ।। स्थाई ।।
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पोदिनो

ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
ओ तने सिल पे बटांऊं हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
क्यारियां में बाऊं केवडो़ खेताँ में बाऊं
हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
माथा पे ल्याई केवडो़ झोळी में ल्याई
हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
सासूजी ने भावे केवडो़ सुसराजी ने भावे
हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
जेठजी ने भावे केवडो़ जेठाणी ने भावे
हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
देवेरजी ने भावे केवडो़ देवरानी ने भावे
हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक
ओ लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
ओ तने सिल पर बटांऊं हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
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बना रे बागां में झुला घाल्या

बना रे बागां में झुला घाल्या
म्हारे हिवडे री, म्हारे जिवड़े री, म्हारे मनड़े
री कोयल बोले झुला छैल भंवरसा
म्हारे मनड़े री कोयल बोले झुला छेल भंवरसा
गोरी ऐ बागां में झुला घाल्या
म्हारे हिवड़े रो , म्हारे जिवड़े रो , म्हारे मनड़े
रो मोरियो नाचे झुला जान कंवरसा
म्हारे मनड़े रो मोरियो नाचे झुला जान कंवरसा
बना रे फागण री रुत आई
मैं लुक छिप, मैं छुप छुप, मैं छाने छाने आई ,
म्हारा छैल भंवरसा
मैं छाने छाने आई , म्हारा छैल भंवरसा
गोरी ऐ रंग गुलाबी थारो
थारे नैणा सूं, थारे गालां सूं , थारे होठा सूं रंग मन
म्हारो म्हारी जान कंवरसा
थारा होठा सूं रंग मन म्हारो म्हारी जान
कंवरसा
बना रे रंग में रंग रळ जावे
जद मनड़े सूं, जद तनड़े सूं, जद मनड़े सूं मन मिल जावे
म्हारा छैल भंवरसा
जद मनड़े सूं मन मिल जावे म्हारा छैल भंवरसा
गोरी ऐ प्रीत री डोर न टूटे
इण जनम ने, ऊण जनम ने, सौ जनम में साथ न छूटे
म्हारी जान कंवरसा
सौ जनम में साथ न छूटे म्हारा छैल भंवरसा
सौ जनम में साथ न छूटे म्हारी जान कंवरसा
बना रे बागां में झुला घाल्या
बनी ! थूंई मत जाणे बना सा ऐकला रै
बनी ! थूंई मत जाणे बना सा ऐकला रै।
झमकू ! थूंई मत जाणे "राइवर" ऐकला रै!
साथे चूड़ीदार, चौपदार, हाकिम ने हवालदार,
कागदियों से कांमदार, काका ऊभा किल्लेदार।
भौमा ऊबा मज्जादार, सखाया सब लारोलार
फूल बिखौरे गजरों गंधियों रै
बनी थूंई मत जाणे बनासा एकला रै।
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बाजूबंद री लूम

टूटे बाजूडा री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
टूटे बाजूबंद री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
कोई पंचरंगी लहेरिया रो पल्लो लहेराए
धीरे चालो नी बायरिया हौळे
हालो नी बयारिया
झालो सहयो नही जाए
टूटे बाजूडा री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
टूटे बाजूबंद री लूम लड़ उलझी उलझी जाए
कोई पंचरंगी लहेरिया रो पल्लो लहेराए
धीरे चालो नी बायरिया हौळे
हालो नी बयारिया
झालो सहयो नही जाए
लागी प्यारी फुलवारी आतो झूम झूम जाए
ल्याई गोरी रो संदेशो घर आओ नी सजन
बैरी आंसुडा रो हार बिखर नही जाए
कोई चमकी री चुंदरी में सळ पड़ जाए
धीरे चालो नी बायरिया हौळे
हालो नी बयारिया
झालो सहयो नही जाए
धीरे चालो नी बायरिया हौळे
हालो री बयारिया
झालो सहयो नही जाए
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माथा न मेंमद लाओ

माथा न मेंमद लाओ, भंवर म्हांरी रखडी रतन
जडाय।
ओजी म्हारी सहेल्यां जोवे बाटो, भंवर म्हांने
खेलण द्यों गणगौर।
खेलण द्यो गणगौर-गणगौर, भंवर म्हांने निरखण
द्यो गणगौर।
जी म्हांरी सहेल्यां ..........
के दिन की गणगौर, सुन्दर थांने कतरा दिन
को चाव।
सोळा दिन की गणगौर, भंवर म्हांने सोळा दिन
को चाव।
ओजी म्हांरी सहेल्यां ..........
सहेळ्यां ने ऊभी राखो, सुन्दर थांकी सहेळ्यां ने
ऊभी राखो।
जी थांकी सहेळ्यां ने दोवंण गोट, सुन्दर थाने खेळणं
दां गणगौर।
खेलण द्यो गणगौर
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मोरया आछो बोल्यो रे

मोरिया आछो बोलियों रे ढलती रात ने,
मोरिया आछो बोलियों रे ढलती रात ने, रात ने
रात ने
औ, म्हारे हिवडे में बेगी रे गुजार मोरिया
आछो बोलियों रे ढलती रात न